Wednesday , July 26 2017
Breaking News
Home / Breaking News / अपनी बहु बेटियों के लिए ढूंढ़ते हैं ग्राहक, ज्यादा दूर नहीं दिल्ली में ही है ये नर्क

अपनी बहु बेटियों के लिए ढूंढ़ते हैं ग्राहक, ज्यादा दूर नहीं दिल्ली में ही है ये नर्क

यूं तो ये देश आजाद है, लेकिन इसी देश की राजधानी में एक बस्ती में रहने वाली महिलाएं आज तक गुलाम हैं. वो न अधिकार जानती हैं, न उपलब्धियां, और न ही स्वतंत्रता की परिभाषा. इनके पैदा होते ही इनके भविष्य का फैसला सुना दिया जाता है.हम बात कर रहे हैं नजफगढ़ की प्रेमनगर बस्ती में रहने वाले परना समुदाय के लोगों की रोजीरोटी पीढ़ियों से वेश्यावृत्ति के धंधे से ही चलती आ रही है. यहां पुरुष आराम करते हैं, और महिलाएं काम.

कितना अजीब लगता है ये सोचना भी कि माता-पिता खुद अपने घर की लड़कियों को इस धंधे में झोंक देते हैं. 12-13 साल की लड़कियों का सौदा करने वाले खुद उनके माता-पिता होते हैं. बेटियों की शादी की कोई चिंता नहीं, क्योंकि शादी करने पर लड़के वाला अच्छे दाम भी देता है. यानि लाख, दो लाख या पांच लाख जितने में भी सौदा पटे, लड़की शादी के नाम पर इसी समुदाय में बेच दी जाती है।

घर के सारे काम-धाम निपटाने के बाद रात को करीब 2 बजे ये महिलाएं अपने काम पर निकलती हैं. एक ही रात में करीब 4-5 ग्राहकों को संतुष्ट करने के बाद सुबह तक लौटती हैं. पति और बच्चों के लिए खाना बनाकर अपने हिस्से की नींद पूरी करती हैं. और ऐसा यहां कि हर महिला के साथ होता है. महिलाएं अगर कोई दूसरा काम करना भी चाहें तो ससुराल वाले उन्हें जबरदस्ती इसी पेशे में ढकेलते हैं।

कोई महिला नहीं चाहती कि उसकी बेटियां बड़ी होकर इस पेशे को अपनाएं. लेकिन महिला अधिकार के नाम पर ये सिर्फ इतना जानती हैं कि उनके जीवन पर उनके परिवारवालों का ही अधिकार है और उनके साथ क्या होना है या नहीं होना है, इसका फैसला भी वही लोग करेंगे जो उन्हें खरीद कर लाए हैं।

 

ये भी पढ़े

भाजपा नेता मनोज चड्डा ने आगामी चुनाव को लेकर दर्जनों गांव का किया दौरा( विडियो)

Share this on WhatsApp डलहौज़ी ( अप्रूव महाजन की रिपोर्ट ) : भाजपा नेता एवं …

error: Content is protected !!